
दिनांक/22/6/24
Dehradun/Uttarakhandprime 24×7
देहरादून। राज्य कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में शहरी विकास, आवास, वित्त, राजस्व, कार्मिक, नियोजन, उच्च शिक्षा समेत कई अन्य विभागों से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में उत्तराखंड एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण विधेयक 2024 को कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की। राज्य के शहरी क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विधेयक को मंजूरी प्रदान की गई। शहरी क्षेत्रों में बिजली, पानी की योजनाओं को इससे मंजूरी जरूरी होगी। चमोली स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट दुघर्टना के आलोक में राज्य सरकार द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों की पूर्ति हेतु विद्युत सुरक्षा विभाग के कार्यों को समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किये जाने हेतु राज्य की भौगालिक परिस्थितियों के अनुसार विभागीय कार्यों का जनपदों के आधार पर निर्धारण करते हुए वर्तमान पदीय ढांचे में सृजित 65 पदों के सापेक्ष 123 पदों को पुर्नगठित किये जाने विषयक विभागीय प्रस्ताव के सापेक्ष मंत्रिमण्डल द्वारा 80 पदों के सृजन प्रस्ताव एवं पुर्नगठन पर अनुमोदन प्रदान किया गया। उत्तराखण्ड राज्य में शहरी परिवहन के विकास, संचालन, रखरखाव, निगरानी और पर्यवेक्षण को विनियमित करने के लिए ‘उत्तराखण्ड एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण विधेयक, 2024’ का प्रख्यापन किया जाना अति आवश्यक है। उत्तराखण्ड राज्य में उत्तराखण्ड यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के प्रबन्धन एवं नियंत्रण हेतु विधेयक की आवश्यकता प्रतीत हुई है। दिशा-निर्देशों एवं केरल राज्य के मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के अधिनियम, 2019 के आधार पर तैयार किया गया है। राज्य में शहरी परिवहन के विकास, संचालन, रखरखाव, निगरानी और पर्यवेक्षण को विनियमित करने के लिए ‘उत्तराखण्ड एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण विधेयक, 2024’ विधेयक को विधान सभा में सदन के पटल पर रखे जाने की अनुमति कैबिनेट द्वारा प्रदान की गई है।
कैबिनेट द्वारा लिए गए निर्णयों की जानकारी सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगौली द्वारा पत्रकारों को दी गई। आवास विभाग के अन्तर्गत राज्य के विभिन्न प्राधिकरणों में मिनिस्ट्रियल वर्गीय संवर्ग में केन्द्रीयित एवं अकेन्द्रीयित सेवा के संबंध में कार्मिक विभाग की नियमावलियों को अंगीकृत किये जाने तथा नियुक्ति प्राधिकारी नियत किये जाने के संबंध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय। प्राधिकरणों में लिपिक वर्ग तथा वैयक्तिक सहायक संवर्ग में भर्ती हेतु नियमावली प्रख्यापित नहीं है, जिस कारण प्राधिकरणों में सृजित सीधी भर्ती के पदों पर चयन की कार्यवाही नहीं हो पा रही है। उक्त के दृष्टिगत कार्मिक एवं सतर्कता विभाग की लिपिक वर्गीय कर्मचारी वर्ग तथा वैयक्तिक सहायक संवर्गीय कर्मचारी सेवा नियमावलियों को स्थानीय विकास प्राधिकरणों तथा उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण के लिपिक संवर्गीय कर्मचारियों तथा वैयक्तिक सहायक संवर्गीय कर्मचारियों के सेवा इत्यादि संबंधी प्रकरणों को व्यवहृत करने हेतु अंगीकृत किया जाना है।
उत्तराखण्ड वित्त सेवा के अन्तर्गत सीधी भर्ती के माध्यम से चयनित वित्त अधिकारियों के व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के सम्बन्ध में प्रस्तुत प्रस्ताव को किया गया अनुमोदित। राज्य सरकार द्वारा नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित किये गये लक्ष्य ‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि’ को प्राप्त करने के लिए आवश्यक है कि राजकीय कार्मिकों में आवश्यक कौशल, ज्ञान और क्षमताओं से लेकर नए प्रौद्योगिकी और कानूनी प्राविधानों की समझ विकसित किये जाने हेतु उत्तराखण्ड वित्त सेवा के अन्तर्गत सीधी भर्ती के माध्यम से चयनित वित्त अधिकारियों, सचिवालय एवं पीसीएस अधिकारियों के व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम एवं पदोन्नति के उपरान्त प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया गया।
राज्य सरकार के कार्मिकों के वेतन खातों को कारपोरेट सेलरी एकाउन्ट पैकेज की सुविधा प्रदान किये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय। राज्य सरकार के कार्मिकों को कॉरपोरेट सेविंग बैंक सेलरी पैकेज के अन्तर्गत लाभ उपलब्ध कराने हेतु उत्तराखण्ड के राजकीय कार्मिक, जिनको कोषागार द्वारा विभिन्न अधिसूचित वाणिज्यिक बैंकों के माध्यम से वेतन भुगतान किया जाता है, उनको कॉरपोरेट सेलरी पैकेज का लाभ उपलब्ध कराये जाने हेतु प्रथम चरण में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बडौदा, यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया, केनरा बैंक के साथ अनुबन्ध हस्ताक्षर किये जाने संबंधी प्रसताव को कैबिनेट द्वारा मंजूरी प्रदान की गई। उत्तराखण्ड में पर्यटन के क्षेत्र के विकास को बढ़ावा दिये जाने हेतु उद्यमियों के लिये नये अवसरों के सृजन एवं पर्यटन व्यवसाय के लिये निवेशकर्ताओं की सुगमता के लिए एकल खिड़की प्रणाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पर्यटन नीति-2018 प्रख्यापित की गयी थी। उक्त पर्यटन नीति में उद्योगों को कई श्रेणी में विभाजित किया गया था। लार्ज प्रोजेक्टस, मेगा प्रोजेक्टस एवं अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्टस में ैळैज् की 30, 50, 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति 10 वर्ष तक किये जाने की समय सीमा निर्धारित किये जाने संबंधी प्रस्ताव को कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया गया।




