Rudraprayagउत्तराखंड

यात्रा से पहले ही ‘जख्मी’ जवाड़ी बायपास

600 मीटर सड़क अब भी खस्ताहाल, केदारनाथ यात्रा में ट्रैफिक व्यवस्था पर मंडराया संकट

Date/08/03/2026

Rudraprayag/Uttarakhand prime 24×7 

रुद्रप्रयाग। आगामी केदारनाथ धाम यात्रा से पहले नगर मुख्यालय का जवाड़ी बायपास प्रशासन और यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती बनता नजर आ रहा है। पिछले वर्ष बरसात के दौरान हुए भू-धंसाव से मार्ग का लगभग 600 मीटर हिस्सा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था, जो अब तक पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो पाया है। जवाड़ी बायपास रुद्रप्रयाग शहर के मुख्य बाजार में लगने वाले ट्रैफिक दबाव को कम करने वाला प्रमुख वैकल्पिक मार्ग है। यात्रा सीजन में हजारों वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश से रोकने के लिए अक्सर इसी मार्ग से ट्रैफिक डायवर्ट किया जाता है। लेकिन वर्तमान में मार्ग की खराब स्थिति वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।

पिछले वर्ष भू-धंसाव के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने मार्ग पर अस्थायी मरम्मत कार्य तो करवाया, लेकिन अब तक स्थायी उपचार नहीं हो सका है। जनवरी माह में तत्कालीन जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने टीएचडीसी अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण कर यात्रा से पहले मार्ग को सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद टीएचडीसी ने करोड़ों रुपये की लागत का प्रस्ताव तैयार कर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेज दिया, लेकिन अभी तक इसकी स्वीकृति नहीं मिल पाई है।

यदि आगामी यात्रा के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन इस बायपास से किया गया तो वाहनों की गति धीमी रहने और जाम की स्थिति बनने की आशंका बनी हुई है। पिछले वर्ष भी इसी मार्ग पर हुए भूस्खलन के कारण लगातार दो दिन तक यातायात बाधित रहा था, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मार्ग का स्थायी उपचार नहीं किया गया तो आगामी बरसात में एक बार फिर सड़क धंसने या भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है।

इस बीच उत्तराखंड क्रांति दल के जिला महामंत्री अजीत सिंह ने कहा कि केदारनाथ यात्रा शुरू होने में अब करीब डेढ़ माह का समय शेष है, ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग पर अधूरे कार्य यात्रा व्यवस्थाओं के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि यात्रा शुरू होने से पहले मार्ग को सुरक्षित और सुचारू बनाया जाए।

इधर राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे का कहना है कि जवाड़ी बायपास के स्थायी उपचार के लिए लगभग 136 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर मंत्रालय को भेज दी गई है। विभाग के अनुसार मंत्रालय से स्वीकृति मिलते ही स्थायी कार्य शुरू किया जाएगा, जबकि यात्रा शुरू होने से पहले मार्ग को अस्थायी रूप से सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक सुधार कार्य किए जाएंगे, ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना न करना पड़े।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button