
Date/07/02/2026
Dehradun/Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड को सुनियोजित, सुरक्षित और भविष्य के अनुरूप विकसित करने के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के क्रम में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) अब विज़न को साकार करने के मिशन मोड में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में 07 फरवरी 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि देहरादूनदृमसूरी शहरी क्षेत्र के भविष्य का रोडमैप तय करने वाली बैठक साबित हुई। यह बैठक उस सोच का प्रतिबिंब रही, जिसमें विकास सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि कानून, पारदर्शिता, सुरक्षा, पर्यावरण और जनहित के संतुलन से जुड़ा हुआ है।
प्लानिंग से परफॉर्मेंस तक
बैठक की शुरुआत विगत तीन माह में स्वीकृति हेतु प्रस्तुत आवासीय एवं व्यवसायिक मानचित्रों की सेक्टरवार समीक्षा से हुई। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागरिकों को अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें और नियमानुसार कार्य शीघ्र पूरा हो।
नियम तोड़ने वालों पर नर्मी नहीं
बैठक में उन प्रकरणों को लेकर सख्त रुख अपनाया गया, जिनमें मानचित्र शमन अथवा स्वीकृति के बाद भी निर्धारित शुल्क जमा नहीं किया गया। इस विषय पर उपाध्यक्ष ने समिति गठित करने के निर्देश दिए। समिति द्वारा चिन्हित प्रकरणों पर नियमानुसार कार्रवाई कर यह संदेश साफ किया गया कि नियम सबके लिए समान हैं।
अवैध निर्माण के खिलाफ मैदान में पूरा तंत्र
शहर की बेतरतीब होती तस्वीर पर लगाम कसने के लिए एमडीडीए अब सेक्टरवार संयुक्त अभियान चलाएगा। निर्धारित दिन पर समस्त अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करेंगे और अवैध निर्माणों पर तत्काल कार्रवाई होगी। उपाध्यक्ष ने दो टूक कहा “अवैध निर्माणों पर अब जीरो टॉलरेंस नीति लागू रहेगी।” आम जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से एमडीडीए द्वारा अवैध प्लॉटिंग पर की गई कार्रवाई की जानकारी अब प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।इस पहल से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि लोग फर्जी कॉलोनियों के जाल में फंसने से भी बच सकेंगे।
शहर को मिलेगी नई हरियाली
सहस्त्रधारा रोड स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड को एक आधुनिक पार्क के रूप में विकसित करने के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए। दिल्ली विकास प्राधिकरण के पार्कों की तर्ज पर विकसित होने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए एमडीडीए की टीम दिल्ली जाकर अध्ययन करेगी। यह परियोजना शहरी जीवन में हरित विराम (ग्रीन ब्रेक) देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।




