Dehradunउत्तराखंड

मुक्त विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने 18,146 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की

6 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया

Date/12/01/2026

Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून/हल्द्वानी। कुलाधिपति/राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने सोमवार को उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के दशम दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने 18,146 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा स्तर की उपाधियाँ प्रदान की जबकि 6 शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधि से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने विद्यार्थियों को युवा दिवस की बधाई देते हुये कहा कि सत्य, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों के साथ निरंतर सीखते रहने का संदेश दिया। कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय की शैक्षिक कार्यों की सराहना की तथा कहा कि विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा को घर घर पहुँचाया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अच्छा कार्य कर रहा है, विश्वविद्यालय ने कई शिक्षण संस्थान, कारागार, सेना, आईआईटी रुड़की जैसे संस्थानों से समझौता कर सभी को उच्च शिक्षा से जोड़ने का काम किया है।

राज्यपाल ने विभिन्न विधाओं में स्नातक एवं स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों से कहा कि आप लोग क्रान्तिकारी है अपने ज्ञान को प्रदेश के सुदूर क्षेत्रों तक पहुच कर शिक्षा से वंचित लोगों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का सराहनीय कार्य करें। उन्होंने कहा कि कोई राष्ट्र तब तक विकसित नहीं हो सकता जब तक कि शिक्षा को अपना मुख्य आधार न बनाए। राज्यपाल ने कहा कि उठो जागो, तब तक जागो जब तक लक्ष्य प्राप्त ना हो। राष्ट्र सर्वोपरि है और अपने आप में परिवर्तन लायें तथा अपने सपनों को लक्ष्य के रूप में परिभाषित करें। उन्होंने कहा शिक्षा एक अनवरत चलने वाली प्रक्रिया है जीवन में सीखने की वृत्ति एक विद्यार्थी के भीतर हमेशा होनी चाहिए। जिज्ञासा का उदय व उसके शमन हेतु निरंतर अन्वेषण एक शिक्षार्थी का प्राथमिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा आज के युग में डिजिटल शिक्षा हमारी आवश्यकता है राष्ट्र की प्रगति शिक्षा व्यवस्था से तय होती है।

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2027 विकसित भारत का संकल्प लिया गया है उसे साकार करने हेतु यह शिक्षण संस्थान भी अपने स्तर से अमृत कार्य कर रहा है उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसकी शिक्षा से तय होती है शिक्षा के स्तर को आगे बढ़ने का कार्य इस विश्वविद्यालय द्वारा नियंत्रित तौर पर किया जा रहा है 60 से अधिक देशों के 2 लाख से अधिक शिक्षणार्थी यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं साइबर सुरक्षा डिजिटल जैसे पाठ्यक्रम यहां संचालित हो रहे हैं राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने वाला प्रदेश का यह प्रथम विश्वविद्यालय है इस पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को इसकी बधाई दी इस अवसर पर विभिन्न पत्रिकाओं वार्षिक कैलेंडर हिंदी वेबसाइट का भी लोकार्पण किया है

इस अवसर पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.नवीन चन्द्र लोहनी ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विस्तार, शोध गतिविधियों एवं शिक्षण गुणवत्ता सुदृढ़ीकरण के प्रयासों की जानकारी दी। दीक्षांत समारोह में विद्यापरिषद के सदस्य प्रो. पी.एस. बिष्ट, डॉ. एच.सी. पुरोहित एवं कार्यपरिषद के सदस्य प्रो. बी.एस. राजपूत, रमेश चंद्र बिंजोला और डॉ. अजय कुमार गुप्ता, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, जी बी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एम एस चैहान, श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एन के जोशी, प्रो. एच पी शुक्ला, प्रो. उमा जोशी उपस्थित थे। समारोह में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टीसी मंजूनाथ, महापौर गजराज सिंह बिष्ट, विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, दर्जा मंत्री रेनु अधिकारी,पूर्व सांसद महेेन्दर पाल, और सभी विद्याशाखा के निदेशक व अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button