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मंत्री जोशी बोले, अर्द्धसैनिक बलों को भी उपनल से सेवायोजित करने पर विचार किया जायेगा

देहरादून। प्रदेश के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने शुक्रवार को देहरादून के कारगी चैक स्थित एक निजी वेडिंग प्वाइंट में असम राईफल्स के 189वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। पूर्व सैनिकों द्वारा सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी का भव्य रूप से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री जोशी ने सभी उपस्थित पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को 189वें स्थापना दिवस की बधाई भी दी। मंत्री ने शहीदों को स्मरण कर नमन करते हुए कहा कि असम राईफल्स देश की सबसे पुरानी अर्धसैनिक बल है। इस बल का गौरव पूर्ण इतिहास रहा है, इस बल ने प्रथम विश्वयुद्ध, द्वितीय विश्वयुद्ध की लड़ाई में शामिल होकर गौरव पूर्ण इतिहास लिखा है। यह बल नार्थ ईस्ट में सीमा सुरक्षा, आन्तरिक उग्रवाद को दबाने के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी सेवायें दे रहा है। इस बल ने 1962 की लड़ाई 1971 की लड़ाई में भी आर्मी के साथ कन्धे से कन्धे मिलाकर काम किया हैं और देश के सबसे ज्यादा वीरता पदक से सम्मानित है। उन्होंने कहा यह देश की पहला ऐसा अर्द्धसैनिक बल है, जिसका आपरेशन कमाण्ड आर्मी के साथ-साथ प्रशासनिक कमाण्ड होममिनिस्टरी के अधीन है, इस बल को 80ः प्रतिशत आर्मी ऑफिसर एवं 20ः स्वयं इस बल के अधिकारी है। मंत्री ने कहा उत्तराखण्ड सरकार ने अपनी घोषणा के क्रम में अब तक कुल 23 शहीद आश्रितों को विभिन्न जनपदों में समूह श्गश् या श्घश् के पदों पर नियुक्ति प्रदान कर दी गयी है। जिसमें 02 शहीद आश्रित असम राइफल्स से भी हैं। विशिष्ट सेवा मेडल धारकों को देय राशि में बढोत्तरी इसी प्रकार द्वितीय विश्व युद्ध अनुदान में वृद्धि की गई है। मंत्री ने कहा जनपद चम्पावत के टनकपुर में सैनिक विश्राम गृहों का निर्माण किया जा रहा है। कार्य पूर्ण होने पर स्थानीय पूर्व सैनिकों ध् उनकी विधवाओं एवं आश्रितों की लम्बे समय से चली आ रही मांग पूर्ण हो गयी है। वर्तमान में 36 सैनिक विश्राम गृह संचालित हैं। उन्होंने कहा सैनिकों के सम्मान में देहरादून के गुनियाल गांव में सैन्य धाम बनाया जा रहा है जिसका 40 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। मंत्री ने कहा सैनिकों के सम्मान और उनके कल्याण के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत है।

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