
दिनांक/01/02/2025
Dehradun/Uttarakhandprime 24×7
देहरादून। एचडीएफसी बैंक की प्रिंसिपल इकोनॉमिस्ट साक्षी गुप्ता ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यम वर्ग की ओर से मांग में कमी की चिंताओं को संबोधित करते हुए, बजट में व्यक्तिगत आयकर स्लैब को तर्कसंगत बनाया गया है, साथ ही स्रोत पर कर कटौती की सीमा में संशोधन किया गया है। इससे मध्यम वर्ग द्वारा उपभोक्ता मांग और बचत को बढ़ावा मिलने की संभावना है, जिसने उच्च मुद्रास्फीति और कम आय वृद्धि से चुनौतियों का सामना किया है। आम आदमी के लिए रियायतों से परे, बजट लाईट टच नियामक दृष्टिकोण के माध्यम से व्यापार करने में आसानी को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करता है।
अगले पांच साल की राजकोषीय रणनीति कृषि, एमएसएमई, निर्यात को बढ़ावा देने और भारत की क्षमता निर्माण में निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में तैयार की गई है। वित्त मंत्री की राजकोषीय रणनीति खपत को बढ़ावा देने की ओर झुकी हुई है, जबकि पूंजीगत व्यय लक्ष्य को 2024-25 की बजट योजनाओं से मोटे तौर पर अपरिवर्तित रखा गया है। बजट द्वारा प्रदान किया गया श्काउंटर साइक्लिकल पुशश् राजकोषीय समेकन की अपनी व्यापक रणनीति के भीतर है, जो 2025-26 में 4.4 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे को लक्षित करता है। आयकर में बदलाव के कारण राजस्व में कमी के बावजूद, 2025-26 में व्यय पक्ष पर दबाव के माध्यम से राजकोषीय समेकन प्राप्त किया गया है। आज की बजट घोषणा 2025-26 में जीडीपी वृद्धि के 6.6 प्रतिशत की हमारी उम्मीद को पुख्ता करती है। बॉन्ड मार्केट के लिए कोई बड़ा आश्चर्य नहीं है क्योंकि बाजार उधारी मोटे तौर पर उम्मीदों के अनुरूप है। आगामी दरों में कटौती और आरबीआई द्वारा खुले बाजार में खरीद के साथ बॉन्ड यील्ड में गिरावट की उम्मीद है।




