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प्लास्टिक का करें त्याग और अपनाएं शुद्ध संतुलित आहारः मनु गौड़

भोजन की पौष्टिकता को लेकर ईट राइट इंडिया के सेमिनार में वक्ताओं ने दिया जागरूकता पर विशेष ज़ोर

Date/07/02/2026

Dehradun/Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। हर्बल लाइफ संस्था द्वारा सर्वे ऑफ इंडिया हाथी बड़कला के ऑडिटोरियम में “सही भोजन-बेहतर जीवन“ को आत्मसात करने के लिए प्रोटीन ब्रेकथोड जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें खानपान के प्रति जागरूक न होने पर विभिन्न बीमारियों के शिकार होने पर गहरी चिंता जताई गई। प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की प्रचुर मात्रा को नियमित रूप में भोजन में नहीं लिए जाने के कारण संक्रमण तेज़ी से बढ़ने पर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनु गौड़ ने कहा कि आज की भाग दौड़ की अति व्यस्त जिंदगी में हम सभी का खानपान काफी अधिक अशुद्ध हो गया है और हम उतना अधिक जागरूक इसी खान-पान को लेकर नहीं हो पा रहे हैं जितना की जागरूक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीने के लिए पानी चाहिए तो वह नदियों से सिमटकर एक छोटी सी प्लास्टिक की बोतल में आ चुका है प् यही नहीं, आज हमारा भोजन भी अधिकतर अशुद्ध एवं आज का फास्ट फूड बन चुका है प् उन्होंने कहा कि तीस लीटर गाय के दूध से एक किलो घी बनता है, लेकिन क्या हम शुद्ध घी गृहण कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि प्लास्टिक का उपयोग नहीं करें और भोजन अपने जीवन में कम ही खाएं, भोजन कम खाने से सेहत और स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है और ऐसा व्यक्ति बीमार भी नहीं होता प् उन्होंने कहा कि भोजन ज़रूरत से ज्यादा करने पर मृत्यु भी हो रही हैं।

इस अवसर पर अति विशिष्ट अतिथि भाजपा की प्रदेश मंत्री नेहा जोशी ने कहा कि आज से दो दशक पहले जो सेमिनार आयोजित होते थे, उनमें यह कहा जाता था कि समाज में भूख ज़्यादा है, भुखमरी कम है लेकिन आज ठीक इसके विपरीत है। नेहा जोशी ने यह भी कहा कि आज की जेनेरेशन ने अपने नियमित भोजन का तरीका ही बिगाड़ लिया है तथा साथ ही असंतुलित भोजन को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया है प् केंद्र सरकार भी संतुलित भोजन और शुद्ध भोजन भरपूर कैलोरी के साथ लेने को लेकर जागरूकता लाने के कार्यक्रम आयोजित करती आ रही है। उन्होंने कहा कि हमें अपने स्वास्थ्यवर्धक भोजन को उपयोग में लाना चाहिए, साथ ही शुद्ध दूध के सेवन को भी अपनी नियमित दिनचर्या में शामिल करना चाहिए प् उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ तन बनाने के लिए हमें अच्छा भोजन और नियमित योगा को अपनाना चाहिए, ताकि एक सार्थक प्रयास करने के साथ विकसित भारत बनाया जा सके।

सेमिनार में फिल्म प्रोड्यूसर व एक्टर आरूषि निशंक ने कहा कि मैं एक ऐसे उत्तराखंड राज्य से हूं जो कि आयुर्वेद का जनक है। उन्होंने कहा कि हमें अच्छा सोचने,अच्छा भोजन गृहण के करने के लिए जब तक अपना मन और तन नहीं बनाएंगे, तब तक हम आखिर कैसे अच्छे स्वस्थ मन और तन वाले बन सकते हैं? आरूषि ने सेमिनार में यह भी कहा कि हमारी दादी मां और नानी मां हमे स्वस्थ रखने के लिए शुद्ध भोजन परोसती थीं। उन्होंने आह्वान किया कि हमे उसी सात्विक व स्वास्थ्य वर्धक भोजन को गृहण करना होगा प् समारोह में डिप्टी कमिश्नर मुख्यालय गणेश डंगवाल ने कहा कि शरीर और स्वस्थ जीवन व्यतीत करने के लिए हमें शुद्ध और संतुलित आहार अपनाना चाहिए जिससे कि तन और मन निरोग बन सकेगा। एम्स ऋषिकेश के डॉ संतोष कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मनुष्य को अपने शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए अपने खानपान के प्रति पूरी तरह से जागरूक होना चाहिए। सेमिनार में आरूषि निशंक, नेहा जोशी के अलावा अरुण शर्मा, रूपा व अन्य कई गणमान्य व्यक्ति व स्कूली बच्चे भी मौजूद रहे।

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