न्यायालय से दोषमुक्त हुए त्रिभुवन चौहान का पलटवार
छवि धूमिल करने और राजनीतिक रूप से कमजोर दिखाने के उद्देश्य से झूठा प्रकरण कराया दर्ज

Date/28/02/2026
Rudraprayag/Uttarakhand prime 24×7
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव के दौरान बिना अनुमति जनसभा आयोजित करने के आरोप में दर्ज मामले में न्यायालय ने पूर्व प्रत्याशी त्रिभुवन चौहान को दोषमुक्त कर दिया है। न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोपों को निराधार मानते हुए उन्हें राहत प्रदान की गई।
दोषमुक्ति के बाद त्रिभुवन चौहान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उपचुनाव के समय उनकी बढ़ती लोकप्रियता से राजनीतिक विरोधियों में बेचैनी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी छवि धूमिल करने और राजनीतिक रूप से कमजोर दिखाने के उद्देश्य से झूठा प्रकरण दर्ज कराया गया। चौहान ने कहा कि उस दौरान क्षेत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कई रैलियां आयोजित की गई थीं, जिससे राजनीतिक माहौल पहले से ही गरमाया हुआ था। चौहान ने कहा, “यह सत्य की जीत है। झूठे आरोपों और दबाव की राजनीति से मैं डरने वाला नहीं हूं। क्षेत्र की जनता पूरी सच्चाई जानती है और लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता ही करती है।”
उन्होंने आगे कहा कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों में उनकी सक्रिय भूमिका कुछ लोगों के लिए ‘सिरदर्द’ साबित हो सकती है और संभवतः इसी आशंका के चलते यह साजिश रची गई। त्रिभुवन चौहान ने न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायिक निर्णय ने सत्य को सामने लाने का कार्य किया है और इससे जनता का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था में और अधिक मजबूत हुआ है।



