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नैनीताल में स्किल सेंटर स्थापित करने के लिए आईएचसीएल ने सरकार के साथ किया करार

नैनीताल में स्किल सेंटर स्थापित करने के लिए आईएचसीएल ने सरकार के साथ किया करार

दिनांक/30/06/2025

Nanital/Uttrakhandprime 24×7 

नैनीताल। भारत की सबसे बड़ी हॉस्पिटैलिटी कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) ने उत्तराखंड सरकार के सेतु आयोग के सहयोग से नैनीताल में अत्याधुनिक हॉस्पिटैलिटी स्किल-ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने के लिए साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

आईएचसीएल के कार्यकारी उपाध्यक्ष गौरव पोखरियाल ने कहा, उत्तराखंड एक सुस्थापित पर्यटन स्थल है, जहां हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं हैं। आईएचसीएल के पथ्य के ईएसजी प्लस फ्रेमवर्क के अनुरूप, यह आगामी स्किल सेंटर यहां के युवाओं को उद्योग-संबंधि प्रशिक्षण के साथ सशक्त बनाएगा, समावेशी विकास को प्रोत्साहित करेगा और भारत की यात्रा व पर्यटन अर्थव्यवस्था में योगदान देगा।

उत्तराखंड के नैनीताल में युवाओं के लिए नया कौशल विकास केंद्र सेतु आयोग, टाटा स्ट्राइव, कुमाऊं विश्वविद्यालय (केयू), नैनीताल, उत्तराखंड कौशल विकास सोसाइटी और उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड सरकार के सहयोग से स्थापित किया जाएगा। सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी ने कहा, यह पहल रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास हेतु उद्योग एवं शिक्षा जगत को जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम है। इस साझेदारी के माध्यम से, उत्तराखंड सहयोगात्मक, उद्योग संचालित और परिणाम-संचालित कौशल के लिए एक बेंचमार्क स्थापित कर रहा है।’

इस मल्टी-पार्टनर पहल में टाटा स्ट्राइव अमलकारी भागीदार के तौर पर शामिल है, जबकि कुमाऊं विश्वविद्यालय इस सेंटर के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराएगा। उत्तराखंड सरकार के कौशल विकास विभाग और उच्च शिक्षा विभाग ऑपरेशनल फंडिंग में मदद करेंगे। केंद्र का लक्ष्य है तीन वर्षों की अवधि में फूड एंड बेवरेज सर्विस, फ्रंट ऑफिस व किचन के ऐंट्री लैवल कोर्स के माध्यम से 500 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित करना, जिसमें छात्रावास की सुविधा भी शामिल है। इस कार्यक्रम में शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटने के लिए ऑन-द-जॉब इंटर्नशिप भी शामिल होगी।

टाटा स्ट्राइव के सीओओ अमेय वंजारी ने कहा, यह सहयोग पहाड़ी क्षेत्र के युवाओं के लिए सार्थक कैरियर के रास्ते खोलेगा और स्थानीय विकास में महत्वपूर्ण प्रभाव पैदा करेगा।’ पथ्य के उद्योग-अग्रणी ईएसजी प्लस फ्रेमवर्क के तहत, आईएचसीएल भारत भर में 53 कौशल केंद्रों की पार्टनर है। सन् 2030 तक 1,00,000 युवाओं को प्रशिक्षित करने के लक्ष्य के साथ आईएचसीएल फ्यूचर-रैडी प्रतिभाओं के निर्माण और सस्टेनेबल स्किलिंग कोशिशों के जरिए आर्थिक उत्थान को सक्षम करने हेतु निवेश करना जारी रखेगी।

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