
Date/14/03/2026
Dehradun/Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। उन्नत सर्जिकल तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनके प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से फोर्टिस एस्कॉर्ट्स ओखला हॉस्पिटल एवं एसएस इनोवेशन्स इंटरनेशनल ने सर्जिकल सोसायटी देहरादून के सहयोग से आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी की बढ़ती भूमिका पर केंद्रित एक कंटिन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (सीएमई) कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम राजपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित किया गया, जिसमें शहर के प्रमुख सर्जनों, चिकित्सा विशेषज्ञों और स्वास्थ्य पेशेवरों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने चर्चा की कि किस प्रकार रोबोटिक सर्जरी यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और कार्डियोथोरेसिक सर्जरी सहित कई चिकित्सा क्षेत्रों में सर्जिकल प्रक्रियाओं को अधिक सटीक, सुरक्षित और प्रभावी बना रही है। ज्ञान-विनिमय और विशेषज्ञ चर्चाओं के माध्यम से इस पहल का उद्देश्य चिकित्सा समुदाय को रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी में हो रहे नवीनतम तकनीकी विकासों से अवगत कराना था, ताकि जटिल सर्जिकल प्रक्रियाओं में बेहतर दक्षता हासिल की जा सके और मरीजों में जटिलताओं को न्यूनतम किया जा सके।
कार्यक्रम में संबोधित करते हुए डॉ. पंकज पंवार, एडिशनल डायरेक्टर दृ यूरोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स ओखला हॉस्पिटल ने कहा, “रोबोटिक सर्जरी यूरोलॉजी के क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी तकनीक के रूप में उभर रही है। यह सर्जनों को जटिल प्रक्रियाओं को अत्यधिक सटीकता, उन्नत विज़ुअलाइज़ेशन और न्यूनतम इनवेसिव तकनीक के साथ संपन्न करने में सक्षम बनाती है। जैसे-जैसे चिकित्सकों और मरीजों के बीच इस तकनीक के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी भविष्य में बेहतर क्लिनिकल परिणाम सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सर्जिकल रोबोटिक्स में हो रहे तकनीकी विकास पर प्रकाश डालते हुए डॉ. सुधीर श्रीवास्तव, फाउंडर, चेयरमैन एवं सीईओ, एसएस इनोवेशन्स इंटरनेशनल इंक ने कहा, रोबोटिक सर्जरी और टेली-सर्जरी स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। सर्जिकल रोबोटिक्स में निरंतर प्रगति के माध्यम से हम सर्जनों को अधिक सुरक्षित, सटीक और प्रभावी सर्जिकल प्रक्रियाएँ करने में सक्षम बना रहे हैं। हमारा उद्देश्य अत्याधुनिक तकनीक को देश के अधिकाधिक अस्पतालों तक पहुँचाना तथा चिकित्सकों को ऐसे उन्नत उपकरण उपलब्ध कराना है, जो उनकी सर्जिकल क्षमताओं को सशक्त बनाते हुए मरीजों की देखभाल के स्तर को और बेहतर बना सकें।




