उत्तराखंड

दीपावली के बाद जहरीली हुई शहरों की आबोहवा, कॉर्बेट में उमड़ी पर्यटकों की भीड़

दीपावली के बाद जहरीली हुई शहरों की आबोहवा, कॉर्बेट में उमड़ी पर्यटकों की भीड़

दिनांक/26/10/2025

Ramnagar/Uttarakhandprime 24×7 

रामनगर। दीपावली त्योहार के बाद देश के ज्यादातर महानगरों की हवा जहरीली हो गई है। दिल्ली, लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद जैसे शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। ऐसे में लोग इस प्रदूषित वातावरण से राहत पाने के लिए अब नैनीताल जिले के कॉर्बेट नेशनल पार्क की ओर रुख कर रहे हैं। यहां का स्वच्छ वातावरण और हरियाली महानगरों की दमघोंटू हवा से राहत दे रही है।

दीपावली पर हुई आतिशबाजी और बढ़े वाहन प्रदूषण का असर महानगरों की हवा में साफ दिखाई दे रहा है। कई शहरों में हालात इतने खराब हैं कि लोगों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन जैसी समस्याएं आम हो चली हैं। ऐसे में राहत पाने के लिए लोग पहाड़ों की ओर रुख कर रहे हैं। कॉर्बेट नेशनल पार्क और इसके आसपास के पर्यटन स्थल इन दिनों सैलानियों से गुलजार हैं। यहां की ताजा आबोहवा और शांत वातावरण सैलानियों को खूब पसंद आ रहा है।

कॉर्बेट पार्क आए पर्यटकों ने कहा कि दिल्ली में हवा बहुत खराब है, यहां आकर ऐसा लग रहा है, जैसे फेफड़ों को नई जान मिल गई हो, बच्चों को भी बहुत अच्छा लग रहा है। आगे कहा कि कॉर्बेट का मौसम बहुत सुहावना है, यहां की शुद्ध हवा और प्राकृतिक माहौल शहरों की भागदौड़ से दूर एक राहत देता है। बढ़ते पर्यटकों की संख्या से पर्यटन कारोबारियों के चेहरे भी खिले हुए हैं। कॉर्बेट के आसपास के सभी रिसॉर्ट्स में इस वीकेंड बुकिंग फुल है। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि दीपावली के बाद प्रदूषण बढ़ने से अक्सर महानगरों से बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलता है। पर्यटन कारोबारी रमेश सुयाल ने कहा कि इन दिनों सभी जोन और रिसॉर्ट्स फुल चल रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर और लखनऊ से ज्यादातर पर्यटक आये हैं, कारोबार अच्छा चल रहा है।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर डॉ। साकेत बडोला ने कहा कि दीपावली के बाद महानगरों में बढ़े प्रदूषण और वीकेंड की छुट्टियों के चलते यहां टूरिस्ट बढ़े हैं। अभी सभी जोन में सफारी बुकिंग फुल है। एक ओर देश के महानगर प्रदूषण की चपेट में हैं, वहीं कॉर्बेट नेशनल पार्क जैसे प्राकृतिक स्थल लोगों को बड़ी राहत दे रहे हैं।

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