Date/27/02/2026
Dehradun/Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। तुलाज़ इंस्टीट्यूट, देहरादून के एप्लाइड साइंसेज़ एंड ह्यूमैनिटीज़ विभाग द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर तुलाज़ ऑडिटोरियम में एक विशेष विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ रिमोट सेंसिंग (आईआईआरएस), इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन (इसरो), देहरादून के जियोइन्फॉर्मेटिक्स विभाग में कार्यरत साइंटिस्ट/इंजीनियर-एसएफ प्रसून कुमार गुप्ता ने संबोधित किया। एआई/एमएल, ओपन-सोर्स जीआईएस और मॉडलिंग के विशेषज्ञ गुप्ता ने उभरती प्रौद्योगिकियों, अंतरिक्ष अनुप्रयोगों तथा राष्ट्र निर्माण में जियोस्पेशियल विज्ञान की बढ़ती भूमिका पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. शैलेन्द्र तिवारी, अतिरिक्त निदेशक डॉ. निशांत सक्सेना, रजिस्ट्रार डॉ. विजय कुमार उपाध्याय तथा एप्लाइड साइंसेज़ एंड ह्यूमैनिटीज़ विभाग के प्रमुख मुकेश पाथेला की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी वक्ताओं ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, नवाचार को बढ़ावा देने तथा शोध-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए गुप्ता ने उन्हें आईआईआरएस और इसरो द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और पहलों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को आईआईआरएस की प्रयोगशालाओं का भ्रमण कर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने और उन्नत अनुसंधान व अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की बेहतर समझ विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं एवं संकाय सदस्यों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। इसके पश्चात आयोजित संवादात्मक सत्र में विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष अनुसंधान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा जियोइन्फॉर्मेटिक्स में करियर संबंधी प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. सुगम गुप्ता, शाइस्ता हसन एवं तनुजा उनियाल द्वारा किया गया।




