
दिनांक/10/08/2024
Dehradun/Uttarakhandprime 24×7
देहरादून। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में अभी भी आपदा का असर बरकरार है। जिसके चलते बाबा केदारनाथ यात्रा शुरू नहीं हो पा रही है। उत्तराखंड सरकार के अनुसार अगर मौसम अनुकूल रहा तो अगले तीन दिनों में केदारनाथ पैदल यात्रा को शुरू कर दी जाएगी। रुद्रप्रयाग जिले में आई आपदा का गलत असर श्रद्धालुओं में न जाए इसके लिए सरकार केदारनाथ यात्रा को तत्काल शुरू करना चाहती है। यही वजह है कि उत्तराखंड सरकार हेली सेवाओं 25 फीसदी की छूट दे रही है। साथ ही सरकार ने पैदल केदारनाथ धाम जाने वाले यात्रियों को सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक अपने संसाधनों तक पहुंचाने का निर्णय लिया है।
दरअसल, 31 जुलाई को प्रदेश भर में हुई भारी बारिश के चलते रुद्रप्रयाग जिले में काफी अधिक नुकसान हुआ है। जिसके तहत केदारनाथ मार्ग पर चार जगहों पर सड़कों का अधिकतर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग में 29 जगहों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसी के साथ ही सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच 150 मीटर एनएच सड़क का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच दो अन्य जगहों पर भी मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ है। अभी तक सड़को के मरम्मत का काम नहीं हो पाया है। रास्तों को खोलने के लिए पीडब्ल्यूडी युद्ध स्तर पर काम कर रही है।
गौरीकुंड से केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग अभी ठीक नहीं हुआ है। इसके सरकार अभी ये दावा कर रही है कि मौसम ने साथ दिया तो अगले तीन दिन में सड़कों को व्यस्थित करते हुए केदारनाथ धाम के लिए पैदल यात्रा शुरू कर दी जाएगी। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच 150 मीटर पूरी तरह से वॉशआउट हो गई है। ऐसे में यहां पर पैदल आने जाने के लिए रास्ता तैयार किया जा रहा है। साथ ही केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग भी लगभग तैयार किया जा चुका है। ऐसे में सरकार व्यवस्था बना रही है कि यात्री सोनप्रयाग में अपनी गाड़ी खड़ी करके पैदल केदारनाथ धाम जा सकें।




