
प्रतिबंधित क्षेत्रो में धड़ल्ले से बेचे जा रहे पटाखे
थाने से चंद दूरी पर बेचे जा रहे आवैध तरीके से पटाखे

Dehradun / uttarakhandprime 24X7 उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही। शहर के सभी प्रतिबंधित क्षेत्रो में बिना किसी रोक टोक के खुलेआम पटाके बेचे जा रहे हैं। जिसका लाईसेंस भी नहीं लिया गया है। वहीं अगर हम जिला प्रशासन की बात करें तो उन्होंने प्रतिबंधित क्षेत्रों में पटाखे बेचने के लिए गाईड लाईन तो भले ही जारी कर दी हैं लेकिन ऐसा लग रहा है कि इस गाईड लाइन को सही तरह से लागू करने में जिला प्रशासन पूरी तरह से असफल साबित हो रही है।

पल्टन बाजार-कोतवाली से घण्टाघर तक, धामावाला बाजार-कोतवाली से आढतबाजार चौक तक, मोतीबाजार में पल्टन बाजार से पुरानी सब्जीमण्डी, (हनुमान चौक तक), हनुमान चौक -झण्डा मौहल्ला, रामलीला बाजार-बैण्ड बाजार तक, आनन्द चौक से लक्ष्मण चौक तक, डिस्पेंसरी रोड का सम्पूर्ण क्षेत्र, घण्टाघर चकराता रोड पर हनुमान मन्दिर तक, सर्वे चौक से डीएवी पीजी कालेज देहरादून जाने वाली रोड़, करनपुर मुख्य बाजार (भीड़भाड़ वाला क्षेत्र), के अलावा ऐसे स्थान जो संकीर्ण क्षेत्र/गलियां जहां अग्निशमन वाहन का वाटर टैंक न पंहुच सकता हो आतिशबाजी लाईसेंस हेतु प्रतिबन्धित है। इन क्षेत्रों में दुकान लगी हुई पाये जाने पर सम्बन्धित के विरूद्ध जुर्माने के साथ ही सामग्री जब्त करते हुए कानूनी कार्यवाही किये जाने के निर्देश है। साथ ही धन्तेरस से दिवाली तक शहर के मुख्य बाजारोें पुलिस गश्त करने के निर्देश है। लेकिन ताज्जुब की बात तो यह है कि इन सभी क्षेत्रो में आवैध तरीके से पटाखे बेचे जा रहे हैं और कई क्षेत्र तो ऐसे हैं जहां से पुलिस थाने व चौकी चंद कदमों की दूरी पर हैं।

जब हमारे संवाद्दाता द्वारा नगर कोतवाली में इसकी जानकारी लेनी चाही तो वहां के थाना प्रभारी से मुलाकात नहीं हो पाने के कारण जब वहीं के
आरक्षी से इसके बारे में बात की गई तो उनके द्वारा साफ तौर पर कहा गया कि हम पटाखे बेचने वालो पर कोई कार्यवाही नहीं कर सकते आप डीएम साहब से बात करिये वहीं आकर इनको रोकेंगी।
यानि अब खुद डीएम साहिबा को आवैध तरीके से बेच रहे पटाखे की दुकानो पर कार्यवाही करने के लिए आना पड़ेगा।
पूरे दिन थानो के प्रभारी रहे नदारद
शनिवार यानि छोटी दिवाली को देखा गया कि अधिकतर थानो के प्रभारी अपने थानो से पूरे दिन नदारद रहे, अब इसको सहयोग कहे या कुछ ओर। क्योंकि एक तरफ तो पूरे शहर भर में खुलेआम आवैध तरीके से पटाखे बेचे जा रहे थे तो दूसरी तरफ थाना प्रभारी पूरे दिन अपने थानो में उपस्थित नहीं थे।




