Dehradunउत्तराखंड

जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकतीः सेमवाल

देहरादून। जल संरक्षण कार्य से अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित करने के लिए हिमालय पर्यावरण जड़ी बूटी एग्रो संस्थान जाड़ी के द्वारिका प्रसाद सेमवाल 27 जून को लाखामंडल से ‘कल के लिए जल’ उत्सव यात्रा शुरू कर रहे हैं। जौनासर, गढ़वाल, कुमांऊ व मैदानी क्षेत्रों के साथ हिमाचल में 5 चरणों में यात्रा होगी। उत्तराखण्ड एवं हिमाचल के 20 जनपदों की यात्रा तय कर यात्रा का समापन जून 2024 में देहरादून में होगा। यात्रा पूरे वर्ष भर जारी रहेगी। हर क्षेत्र में सामाजिक कार्यकर्ता जुड़ते जाएंगे। यात्रा के दौरान 5 लाख जल नायक तैयार किए जाएंगे।

श्री सेमवाल का कहना है कि आज पूरी दुनिया में व्यापक जल संकट है। नदियों और प्राकृतिक जल स्रोत का पानी घट रहा है। दिन प्रति दिन पानी की समस्या बढ़ती जा रही है। जंगलों में पानी और भोजन की कमी के कारण आए दिन मानव और वन्य जीवों के बीच संघर्ष बढ़ता जा रहा है। इस धरती पर पानी का स्रोत सिर्फ आसमान से टपकने वाली वर्षा की बूंदे ही है। वर्षा जल एक अनमोल प्राकृतिक उपहार है जो प्रतिवर्ष पूरी दुनिया को बिना किसी भेद भाव के मिलता आया है। पानी के समुचित प्रबंधन के आभाव में वर्षा जल व्यर्थ में बह जाता है। जल संरक्षण को जनांदोलन बनाने के लिए हिमालय पर्यावरण जड़ी बूटी एग्रो संस्थान जाड़ी विगत कई वर्षों से प्रयासरत है। संस्थान के द्वारा कल के लिए जल अभियान शुरू किया गया, जो एक सफल माडल के रूप में सामने आया है, इस अभियान में लोगो को उनके जन्मदिन, जीवन के विशेष दिन को यादगार बनाने एवं परिजनों की याद में पानी के कच्चे जल कुंड, तालाब बनवाते है। अभियान के तहत अभी तक जनपद उत्तरकाशी, टिहरी एवं देहरादून में 4 हजार जल कुंड, तालाब श्रमदान कर के बने हैं। इस वर्ष जनपद उत्तरकाशी में जिला प्रशासन के साथ मिल कर जल उत्सव कार्यक्रम शुरू किया गया।

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