
Date 21/11/25
Dehradun/Uttarakhand Prime 24×7
* नेशनल एसोसिएशन फॉर पेरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स(NAPSR) एक बार फिर से छात्रों व अभिभावकों के हित के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने जा रही है ।*
*एनएपीएसआर के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरिफ खान के अनुसार डीआरडीओ द्वारा वर्ष 2021 उनके द्वारा संचालित चार स्कूलों को बंद करने का नोटिस जारी किया गया था जिसके विरुद्ध एनएपीएसआर द्वारा शिक्षा विभाग,बाल संरक्षण आयोग,मे गुहार लगाई गई थी किन्तु किसी विभाग मे भी कोई संतोषजनक कार्यवाही ना होने से कोई एनएपीएसआर द्वारा वर्ष 2022 मे दिल्ली हाई कोर्ट मे अपील की गई ढाई साल तक लड़ाई चलती रही अन्ततः डीआरडीओ द्वारा स्कूलों को पूर्व की भांति ही पुनः संचालित किया जाने लगे जिसके लिए एनएपीएसआर द्वारा डीआरडीओ प्रबंधन समिति का आभार भी व्यक्त किया गया था किंतु एक बार फिर से प्रबंधन समिति के निर्णय के विरुद्ध एनएपीएसआर को सुप्रीम कोर्ट का सहारा लेना पड़ रहा है चूंकि इस बार स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा रायपुर रोड़ स्थित रक्षा अनुसंधान विद्यालय (RAV) स्कूल को निजी स्कूल संचालकों के हाथ मे दिया जा रहा है ।*
*एनएपीएसआर के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरिफ खान का कहना है कि अभिभावकों यह आपत्ति नही है कि इस स्कूल को निजी संचालकों के हाथ मे दिया जा रहा है बल्कि आपत्ति यह है कि यह स्कूल डीआरडीओ की समिति द्वारा संचालित किया जा रहा था जिसमे सुन्दरवाला और रायपुर गांव के आसपास रहने वाले निम्न वर्गीय व अति निम्न वर्गीय एव आरटीई मे प्रवेश पाने वाले बच्चे पढ़ रहे हैं जो कि आर्थिक रूप से कमजोर हैं और निजी स्कूलों की महंगी फीस,महंगी किताबें, महंगी स्कूल ड्रेस,एनुअल डे, स्पोर्ट्स डे,बिल्डिंग फंड,रि-एडमिशन चार्ज और एनुअल डे नाम पर होने वाली धन उगाही की मार को नही झेल सकते और अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर वो घर से कहीं दूर किसी अन्य स्कूल का खर्च वहन कर सकते हैं और ऐसे अनुभवी शिक्षक ऐसा स्टाफ और ऐसा माहौल उनके बच्चों को कहीं नही मिलेगा । इसलिए स्कूल मे पढ़ने वाले सभी बच्चों के अभिभावकों की एनएपीएसआर के माध्यम से यह मांग है कि इस स्कूल को निजी स्कूल संचालको के हाथ मे ना सौंपा जाए यदि स्कूल को किसी अन्य शिक्षण संस्थान के हाथ मे सौंपा भी जाये तो इस कंडीशन मे ही सौंपा जाना चाहिए कि यहां के फीस स्ट्रक्चर,स्कूल ड्रेस,किताबों, और शिक्षकों मे कोई फेर बदल नही किया जाना चाहिए,जैसे आज तक फीस व्रद्धि या बच्चों की शिक्षा व सुरक्षा से जुड़े अन्य मामलो मे डीआरडीओ प्रबंधन समिति अभिभावकों को विश्वास मे लेकर कोई निर्णय लेती थी भविष्य मे भी उसी प्रकार से अभिभावकों एवं छात्रों के हितों का ख्याल रखा जाए जिसके लिए सभी अभिभावकों ने एनएपीएसआर के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट की शरण लेने का निर्णय लिया है ।*




