उत्तराखंड

काशीपुर नगर निगम की सफाई प्रणाली में सुधार आवश्यक

स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर नदीम उद्दीन एडवोकेट ने दिये नगर आयुक्त को लिखित सुझाव

Date/27/11/2025

Kashipur Uttarakhandbprime 24×7 

काशीपुर। वर्तमान में काशीपुर नगर निगम क्षेत्र की सफाई प्रणाली ऐसी है जिससे स्वच्छता पर प्रतिकूल प्रभाव तो पड़ ही रहा है, साथ ही जागरूकता कार्यक्रमों का भी कोई लाभ प्राप्त नहीं हो रहा है। केवल इतना ही नहीं निगम की कार्यप्रणाली के विभिन्न कार्य म्युनिसपल सोलिड वेस्ट (मैनेजमेन्ट एण्ड हैडलिंग) रूल्स 2016 का खुला उल्लंघन होने के कारण पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराधों की श्रेणी में आते हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न कार्य उत्तराखंड कूड़ा फेंकना एवं थूकना प्रतिषेध अधिनियम 2016 के अन्तर्गत पांच हजार रूपये तक के जुर्माने तथा छः माह तक की सजा से दंडनीय अपराधों की श्रेणी में आते हैं। साथ ही पर्यावरण मित्रों को सिर व कूल्हें में रखकर कूड़ा ढोने को बाध्य करके उ0प्र्र0 सफाई मजदूर संरक्षण अधिनियम 1976 के प्रावधानों का भी उल्लंघन है।

नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर तथा प्रतिष्ठित समाज सेवी संस्था माकाक्स के अध्यक्ष नदीम उद्दीन ने काशीपुर के नगर आयुक्त रवीन्द्र सिंह बिष्ट से मुलाकात करके उनको काशीपुर की सफाई व्यवस्था में सुधार करने व उसे राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में अग्रणी स्थान दिलाने के लिये लिखित रूप से विस्तृत सुझाव उपलब्ध कराये है।

श्री नदीम द्वारा उपलब्ध कराये गये सुझावों के अनुसार भारतीय स्वच्छता अभियान, इसके अन्तर्गत जनता के सहयोग से आयोजित किये जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिये शहरी निकायों की सफाई संबंधी कार्य प्रणाली में सुधार तुरन्त किये जाने आवश्यक है। इन सुधारों में मुख्य रूप से कूड़ा सड़क पर डालने पर रोक, झाड़ू लगाने में कूड़ा नालियों में डालने पर रोक, घरों के दरवाजे से कर्मचारी द्वारा कूड़ा एकत्र करने की व्यवस्था, पर्यावरण मित्रों को दस्ताने आदि की समुचित व्यवस्था, तथा सिर व कूल्हें पर रखकर कूड़ा उठाने पर पूर्ण रोक, राहगीरों के लिये कूड़ेदानों की व्यवस्था, जैविक तथा अजैविक कूड़ा पृथक्कीकरण की व्यवस्था, कूड़ा फेंकने के लिये खुले वाहन व वाहनों के मार्ग में कूड़ा गिराने पर रोक, सार्वजनिक शौचालयों की समुचित व्यवस्था, कूड़ा फेंकने व गंदगी फैलाने वालों के विरूद्ध कार्यवाही, सफाई में अवरोध करने वाले निर्माणों को कानूनी तरीके से हटाने की व्यवस्था, वाहनों की अवैध सड़क पार्किंग व अन्य अस्थाई अतिक्रमणों को हटाने की व्यवस्था, पार्किंग स्थलों की व्यवस्था, सडकों पर जाम लगना रोकने की व्यवस्था, पथ विक्रेता अधिनियम का पूर्ण पालन करके पथ विक्रेताओं व सड़क पर चलने वालों के अधिकारों में समन्वय करना, कूड़ा फेंकने संबंधी फोटो सहित शिकायत उपलब्ध कराने वालों को पुरस्कार, सफाई संबंधी सूचनायें 48 घंटे में उपलब्ध कराने की अनिवार्य व्यवस्था शामिल किये जाने के सुझाव शामिल हैं। श्री नदीम ने नगर आयुक्त रविन्द्र सिंह बिष्ट से मुलाकात के सम्बन्ध में बताया कि उन्हें आशा है कि श्री बिष्ट उनके सुझावों को क्रियान्वयित करेंगे औैर शहर की सफाई व्यवस्था तथा राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में काशीपुर की रेकिंग सुधारने को प्र्रभावी कदम उठायेंगे।

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