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कर्मचारी रो रहे खून के आंसू, सहकारिता मंत्री अपनी मौज-मस्ती मेंः मोर्चा   

कर्मचारी रो रहे खून के आंसू, सहकारिता मंत्री अपनी मौज-मस्ती मेंः मोर्चा   

Date/30/11/2025

Vikasnagar/Uttarakhand prime 24×7 

विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं उत्तराखंड राज्य भंडारागार निगम कर्मचारी संगठन के संरक्षक रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि भंडारागार निगम के कार्मिकों को सातवें वेतनमान का लाभ प्रदान किए जाने के मामले में 4 साल से अधिक समय से पत्रावली शासन में धूल फांक रही है तथा इसी प्रकार विभागीय ढांचे से संबंधित पत्रावली भी रद्दी का ढेर बनने की और अग्रसर है, लेकिन विभागीय मंत्री धन सिंह रावत गहरी निंद्रा में हैं। आलम यह है कि मंत्री सिर्फ और सिर्फ अपने निजी हित साधने में लगे हैं तथा इन कार्मिकों के हितों से इनका कोई लेना-देना नहीं है। सरकार अब आठवें वेतनमान की बात कर रही है, लेकिन यहां तो मंत्री सातवें वेतनमान का लाभ भी नहीं दिला पाये। नेगी ने कहा कि सातवें वेतनमान के मामले में कर्मचारियों को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी तथा इसी प्रकार विभागीय ढांचे में परिवर्तन, पद सृजन व अन्य मामले में भी कार्मिक न्यायालय की शरण में जा रहे हैं, ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब हर काम न्यायालय से ही होना है तो फिर विभागीय मंत्री की आवश्यकता क्या है। प्रश्न यह उठता है कि क्या मंत्री कभी अपने विभाग के कार्यों, कार्मिकों की पीड़ा, कार्यों में प्रगति व विभागीय हितों के बारे में मंथन करते हैं। कर्मचारी अपने परिवार का गुर्जर बसर कैसे कर रहे हैं, मंत्री को इससे कोई लेना देना नही है। यही हाल अन्य विभागों में भी है, जो इनके पास हैं। आखिर जो लाखों रुपया इनके ऐशो-आराम में खर्च हो रहा है, उसका क्या औचित्य है। जब किसी को न्याय ही नहीं दिला पा रहे हैं तो घर बैठना ही बेहतर होगा। मोर्चा सहकारिता मंत्री से मांग करता है कि अगर विभाग नहीं संभाल पा रहे हो तो इस्तीफा देकर इस प्रदेश पर एहसान क्यों नहीं करते। अगर जरूरत पड़ी तो सहकारिता मंत्री की शवयात्रा बहुत जल्दी निकली जाएगी। पत्रकार वार्ता में मोर्चा महासचिव आकाश पंवार व प्रवीण शर्मा पिन्नी मौजूद रहे।

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