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एसटीएफ ने एक और साइबर अभियुक्त को गिरफ्तार किया

एसटीएफ ने एक और साइबर अभियुक्त को गिरफ्तार किया

Date/01/03/2026

Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। मुख्यमंत्री के देवभूमि उत्तराखण्ड को अपराध मुक्त बनाये रखने के मिशन के अन्तर्गत पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के दिशा निर्देशन में अजय सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ द्वारा साइबर अपराध पीड़ितो को त्वरित न्याय दिलाने तथा अपराधिक घटना में संलिप्त साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश निर्गत किये गये हैं। इस प्रकरण के सम्बन्ध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0 अजय सिंह द्वारा जानकारी देते हुये बताया कि जनपद उधम सिंह नगर निवासी पीड़ित द्वारा माह दिसम्बर 2025 में साइबर थाना कुमाऊँ में एक शिकायत दी थी कि सोशल मीडिया के माध्यम से किसी अज्ञात साइबर फ्रॉड द्वारा ट्रेडिंग में निवेश करने के नाम पर उनसे 24.70 लाख रुपये की धनराशी धोखाधड़ी की गयी है। प्राप्त शिकायत के आधार पर तुरन्त अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारम्भ की गयी।

प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड के दिशा निर्देशन में सहायक पुलिस अधीक्षक साइबर कुश मिश्रा के निकट पर्यवेक्षण मे अभियोग के अनावरण हेतु एक डेडिकेटेड टीम नियुक्त की गयी, अभियोग की विवेचना के दौरान घटना में प्रयुक्त लाभार्थी बैंक खातों/रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों/व्हाट्सअप/गुगल/फर्जी वेबसाईटो की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, गूगल, मेटा कम्पनी से पत्राचाकर कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण से जानकारी मे आया कि साईबर अपराधियो द्वारा घटना में पीड़ित से शेयर ट्रेडिंग में लाभ कमाने के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में धनराशि स्थानान्तरित करवायी गयी। विवेचना के दौरान अभियोग में प्रकाश में आए बैंक खातों तथा मोबाइल नम्बरों का सत्यापन किया गया। पुलिस टीम द्वारा तकनीकी/डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर घटना में लाभार्थी खाता धारक आरोपी मलकीत सिह पुत्र श्री बचन सिह निवासी-वमनपुरी बकैनिया थाना गदरपुर जिला उधम सिह नगर की पहचान कर पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तार किया गया, जिसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त 01 मोबाइल फोन व 01 सिम कार्ड एवं चैक बुक आदि बरामद हुए।

अभियुक्त व्हाटसप के माध्यम से पीडितों को ट्रेडिंग सम्बन्धी मैसेज भेजा जाता था जिसमें स्वयं को प्रतिष्ठित ट्रेडिंग कम्पनी का प्रतिनिधि बताकर ऑनलाईन ट्रेंडिग में निवेश कर लाभ दिलाये जाने का भरोसा दिलाया जाता था। तत्पश्चात अलग-अलग व्हाटसप ग्रुपों में जोडा जाता था, जिनमें पूर्व से जुडे हुए लोगों द्वारा स्वयं के द्वारा निवेशित धनराशि पर प्राप्त लाभ सम्बन्धी स्क्रीनशॉट शेयर किये जाते थे । जिससे ग्रुप में जुडे अन्य पीड़ित इनके झांसे में आकर ऑनलाईन ट्रेडिंग में कम समय में कम समय में अधिक मुनाफा कमाने के लालच में अपनी धनराशि निवेश कर देते थे । पीडितों द्वारा निवेश की गयी धनराशि में मुनाफा दिखाने हेतु यह एक फर्जी एप का प्रयोग करते थे तथा उसके डैशबोर्ड पर पीडितों द्वारा इन्वेस्ट की गयी धनराशि को भारी लाभ के साथ दिखाया जाता था । जिससे पीड़ित को अधिक मुनाफा होने का भरोसा हो जाता था । परन्तु स्वयं के साथ हो रही साईबर धोखाधड़ी का अंदेशा नही हो पाता था। अभियुक्त द्वारा धोखाधडी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैक खातों में प्राप्त कर उक्त धनराशि को अन्य खातों में स्थानान्तरण कर दिया जाता था। प्रारम्भिक पूछताछ में अभियुक्त ने साईबर अपराध हेतु जिस बैंक खातों का प्रयोग किया गया है उसमें मात्र 4-5 माह में ही करोड़ां रूपयों का लेन-देन होना प्रकाश में आया है। जाँच में यह भी प्रकाश में आया है कि अभियुक्तगण के बैंक खाते के विरुद्ध देश के कई राज्यों में विभिन्न साईबर अपराधों की शिकायतें दर्ज हैं। जिसके सम्बन्ध में जानकारी हेतु अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है।

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