
Date/03/12/2025
Dehradun Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। एक पहाड़ी राज्य होने के कारण उत्तराखंड में सर्दियों में ठंडा रहता है। लेकिन उत्तराखंड में इस बार भारी शीत ऋतु का पूर्वानुमान लगाया जा रहा है। आपदा प्रबंधन ने भी शीतलहर को लेकर अभी से एहतियात बरतना शुरू कर दिया है। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उन्होंने क्या तैयारियां की हैं। उत्तराखंड में इस बार मानसून सीजन ने जमकर अपना कहर बरपाया था। पूरे मानसून सीजन में सामान्य से ज्यादा बरसात के बाद उम्मीद की जा रही है कि इस बार बर्फबारी भी पूरे प्रदेश में ठीक-ठाक से देखने को मिलेगी। वहीं सर्दी के लगातार बढ़ते प्रभाव को देखते हुए शीतलहर से प्रभावी तरीके से निपटने के अलावा शीतकालीन यात्रा को लेकर सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने शीतलहर को लेकर जनपदों को दिशा निर्देश जारी किए हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा सभी जिलों में निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द कोल्ड वेव एक्शन प्लान तैयार करते हुए यूएसडीएमए के साथ साझा किया जाए। उन्होंने कहा कि सीएम धामी ने सभी जिलों को शीतलहर से निपटने के लिए धनराशि मुहैया कराई है। ये भी कहा गया है कि यदि किसी जनपद को और आवश्यकता है, तो उन्हें धनराशि तुरंत दी जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी जनपद को धनराशि की और आवश्यकता है तो वह जल्द से जल्द डिमांड शासन को भेज सकते हैं।
यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में वर्चुअल माध्यम से आयोजित बैठक में सचिव विनोद सुमन ने कहा कि शीतकालीन यात्रा प्रारंभ हो चुकी है। यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को ठंड के मौसम में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इस पर खास ध्यान दिया जाए। मौसम तथा सड़कों की स्थिति को देखते हुए यात्रियों को आगे रवाना किया जाए। यदि बर्फबारी के कारण मार्ग बाधित होते हैं, तो यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सुमन ने कहा कि जनपदों में खाद्य सामग्री, पेयजल और ईंधन का फरवरी 2026 तक पर्याप्त भंडारण किया जाए। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए चिकित्सकों की सूची, उनके मोबाइल नंबर और जरूरी दवाइयों का पर्याप्त भंडारण किया जाए। अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और एम्बुलेंस सेवाओं को 24गुणा7 अलर्ट पर रखा जाए। जिन स्थानों पर रात के समय आवाजाही रहती है, उन स्थानों पर अनिवार्य रूप से अलाव जलाए जाएं। उन्होंने रैन बसेरों में सभी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आपदा प्रबंधन सचिव ने कहा कि बेसहारा पशुओं को लेकर भी मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पशुपालन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर उन्हें ठंड से बचाने की कार्ययोजना बनाई जाए। आम जनमानस को शीत लहर से बचाव के लिए क्या-क्या करना चाहिए, इस संबंध में पब्लिक अनाउंसमेंट के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाए।




