Dehradunउत्तराखंड

आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन

आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन

Date/10/04/2026

Dehradun/Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी, देहरादून के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड लिबरल आर्ट्स द्वारा दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “रिडिफाइनिंग वैल्यू क्रिएशनः डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन फॉर ए सस्टेनेबल एंड ह्यूमन सेंट्रिक इकॉनमी की शुरुआत आज विश्वविद्यालय परिसर में हुई। इस सम्मेलन में भारत सहित विश्व के विभिन्न देशों से शिक्षा, उद्योग और शोध जगत के विशेषज्ञों ने भाग लेकर डिजिटल युग में वैल्यू क्रिएशन के बदलते स्वरूप पर चर्चा की। उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अनिल सुब्बाराव पायला ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक के इस दौर में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने नवाचार के साथसाथ नैतिक मूल्यों और ज्ञान सृजन पर विशेष जोर दिया। उप कुलपति प्रो. (डॉ.) अनिथा रामचंदर ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को आधुनिक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला प्रमुख कारक बताते हुए कहा कि इसे सस्टेनेबिलिटी और मानवकेंद्रित सोच के साथ जोड़ना समय की आवश्यकता है।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) के. एस. चंद्रशेखर, कुलपति, क्लस्टर यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू ने अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल परिवर्तन ने विभिन्न क्षेत्रों में मूल्य सृजन की प्रक्रिया को नया आयाम दिया है। उन्होंने समावेशी विकास, सस्टेनेबिलिटी तथा स्वदेशी दृष्टिकोण को अपनाते हुए संतुलित विकास पर बल दिया। विशेष वक्तव्यों के अंतर्गत भूटान की रॉयल यूनिवर्सिटी के श्री केशर नाथ धकाल ने डिजिटल सिटीजनशिप पर अपने विचार रखे। नाइजीरिया की स्काईलाइन यूनिवर्सिटी से (ऑनलाइन) जुड़ीं सरदा मगंती ने तकनीक के माध्यम से मानव कल्याण की संभावनाओं पर प्रकाश डाला, जबकि अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्ट अलाबामा के डॉ. मार्क डेविस ने नेतृत्व क्षमता में इमोशनल इंटेलिजेंस की भूमिका को रेखांकित किया। उद्घाटन सत्र का समापन कॉन्फ्रेंस चेयर और डीन प्रो. (डॉ.) सुनील के. जखोरिया द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

सम्मेलन के तकनीकी सत्र चार विशेष ट्रैक में आयोजित किए गए, जिनमें देशविदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों की सक्रिय सहभागिता रही। इनमें मारवाड़ी यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, एलायंस यूनिवर्सिटी, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, एसआरएम यूनिवर्सिटी, इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू), केएलई टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी, जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन, दून यूनिवर्सिटी, देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी, महारिषि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी, बाबू बनारसी दास यूनिवर्सिटी सहित नाइजीरिया की स्काईलाइन यूनिवर्सिटी शामिल रहीं। पहले दिन 91 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जबकि दोनों दिनों में कुल 214 शोध पत्रों की प्रस्तुति प्रस्तावित है। साथ ही “डिजिटल युग में सस्टेनेबिलिटीः बैलेंसिंग इनोवेशन विथ रिस्पांसिबिलिटी” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा ने सम्मेलन को विशेष रूप से सार्थक बनाया, जिसमें विशेषज्ञों ने गहन विचार विमर्श किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button