
Date/16/03/2026
Dehradun/Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। उत्तराखंड में अवैध खनन का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का केंद्र रहा है। समय-समय पर इस विषय को लेकर विपक्ष ही नहीं बल्कि सत्ताधारी दल के नेता भी चिंता जताते रहे हैं। ऐसे में अवैध खनन को लेकर लगातार आवाज उठाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार राज्य सरकार के फैसले की खुलकर सराहना करते दिखाई दिए हैं।
दरअसल, हाल ही में हरिद्वार जिले में पुलिस और अवैध खनन से जुड़े लोगों के बीच कथित मिलीभगत का मामला सामने आया था। मामले के सार्वजनिक होने के बाद राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित पुलिस चौकी के पूरे स्टाफ को ही निलंबित करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई को लेकर अब पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सरकार की सराहना की है।
त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि अवैध खनन के मामले में सरकार की इस तरह की सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब भी प्रशासन या पुलिस के किसी स्तर पर अवैध गतिविधियों से मिलीभगत की शिकायत सामने आती है, तो उस पर तुरंत और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। हरिद्वार में पूरे पुलिस चौकी स्टाफ को निलंबित करने का फैसला इसी दिशा में एक मजबूत संदेश देने वाला कदम है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से यह साफ संकेत जाता है कि राज्य सरकार अवैध खनन जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर बिल्कुल भी नरमी बरतने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी ने भी सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए यह कार्रवाई की है, वह उसके लिए बधाई के पात्र हैं।
गौरतलब है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत उन नेताओं में शामिल रहे हैं जिन्होंने उत्तराखंड में अवैध खनन को लेकर लगातार चिंता जाहिर की है। मुख्यमंत्री रहते हुए भी उन्होंने कई बार इस विषय पर सख्ती की बात कही थी और पद छोड़ने के बाद भी विभिन्न मंचों से इस मुद्दे को उठाते रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने संसद में भी उत्तराखंड में हो रहे अवैध खनन का मुद्दा उठाया था और इसे राज्य के लिए गंभीर चुनौती बताया था।




